Monday, 28 August 2017

Raghupati Raghav Original Version

The version we generally hear is actually "modified" (?) by M.K.Gandhi.

Original one is written by Shrimad Lakshmanacharya.

I have added bits of modification but without losing its sense most of verses from Sanskrit language introduced at the end.

रघुपति राघव राजाराम,
पतित पावन सीताराम

सीताराम सीताराम
भज मन पावन सीताराम
रघुपति राघव राजाराम,
पतित पावन सीताराम

सुंदर विग्रह मेघश्याम,
गंगा तुलसी शालग्राम
रघुपति राघव राजाराम,
पतित पावन सीताराम

भद्रगिरीश्वर सीताराम,
भगत-जनप्रिय सीताराम
रघुपति राघव राजाराम,
पतित पावन सीताराम

जानकीरमणा सीताराम,
जयजय राघव सीताराम
रघुपति राघव राजाराम,
पतित पावन सीताराम
============= Original Part ends =============

जय रघुनन्दन जय श्रीराम
जानकीवल्लभ् राजाराम
रघुपति राघव राजाराम,
पतित पावन सीताराम

दशरथनन्दन राजाराम
कौशलचन्द्र जय श्रीराम
रघुपति राघव राजाराम,
पतित पावन सीताराम


जय श्रीराम !

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